Dosti Me Chudai

दोस्ती मे चुदाई

मेरा नाम रचना हे ओर मेरी आगे 22 हे. दिखने मे काफ़ी सेक्सी और हॉट हू अपने बारे मे सिर्फ़ इतना ही कहूँगी के कोई भी मुझे बार बार चोदने का सोचे. अब मे स्टोरी पे आती हू बात दो दिन पहले की हे मेरे घर मेरी फ्रेंड घर आई. जिसका नाम स्वेता हे.मुजसे कहा आज मे बहुत खुश हू.

मेने पूछा क्या हुआ तो मृणालिनी ने कहा आज मेरे बाय्फ्रेंड ने मुझे किस किया ओर मेरे दूद्धू को प्रेस किया. मेने कहा मृणालिनी केसा लगता हे कोई लड़का एसा करता हे तब? मृणालिनी ने कहा रचना मेरी छाती मे थोड़ा दर्द हुआ लेकिन जब वो मुझे किस कर रहा था उूुुउउफ़फ्फ़ पूछो मत मेरे बॉडी मे तो जेसे आग लग गई थी फिर उसने मुझसे बहुत सारी सेक्स की बाते की.

कुछ तो मे जानती थी कुछ न्यू उसने बताया बाते करते करते मेरा तो पानी निकालने लग गया ओर मे भी सोचने लगी की मुझे भी सेक्स करना हे. मेरी परोस मे एक परिवार हे. जो की मुस्लिम परिवार हे. लेकिन उस फॅमिली मे एक बहुत ही जवान और खूबसूरत लड़का हे जिसका नाम आसिफ़ हे मेने सोचा यार बजुमे ही आसिफ़ हे कही दूर जानेकी ज़रूरत नही हे.

मेने दूसरे दिन मृणालिनी को घर पे बुलाया ओर कहा की मुझे कुछ टिप्स दो आसिफ़ के लिए मे उसे छुड़ाने को टायर करलू मृणालिनी ने कहा अरे रचना वो एक मुस्लिम हे. मेने कहा यार चूत को क्या पता कों हिंदू कों मुस्लिम. मृणालिनी ने कहा ठीक हे मे जेसा बोलू वेसा कर मेने मृणालिनी के टिप्स आज़माने शुरू किए मे आसिफ़ के घर गई और अंकल आंटी से है हेलो किया जोकि आसिफ़ मेरा फ्रेंड था.

लेकिन बेस्ट फ्रेंड नही कुछ कुछ बातचीत होती रहती थी मेने आसिफ़ से कहा आज शाम को घर आओगे? मुझे थोरी हेल्प चाहये तुम्हारी उसने कहा क्या तो मेने कहा कॉलेज के कम से तो उसने कहा ओक मे अवँगा. मेरे मामी पापा को आसिफ़ से मेरी ज़्यादा बात चीत पसंद नही हे इसी लिए मेने आसिफ़ को शाम को घर बुलाया क्यू के मेरे मामी पापा शाम को मेरे नाना के घर जाने वाले थे

मे शाम को थोड़ा मेकप किया ओर नाइट सूयीट पहन लिया ब्रा और पैंटी नही पहनी थी जिसकी वजा से मे चलती थी तो मेरे दूद्धू हिलते हुए साफ दिख रहे थे ओर मे काफ़ी सेक्सी लगती थी. शाम को आसिफ़ मेरे घर आया मामी पापा घर पे नही थे. मेने दरवाजा खोला तो आसिफ़ था मेने उसे अंदर बुलाया आसिफ़ ने पूछा क्या कम था मेने कहा बैठो पहले बताती हू. मे जानबुज कर उसके आगे पीछे चलने लगी उसकी नज़र शयड मेरे दूद्धू्स ओर गान्ड पे जा राई थी

मेने भी नोटीस किया के उसका लंड खड़ा हो रहा हे मेने सोचा के आज तो पक्का ये मेरी प्यास बुजा देगा. मे आसिफ़ के साथ सोफे पर बैठ गई और मेने आसिफ़ से कहा मुझे थोरे चक्कर आ रहे हे और मेरी कमर दर्द कर राई हे आसिफ़ ने कहा ये कम था? मेने कहा नही यार कॉलेज मे एक पोग्राम हे जिसकी मुझे तुमसे कुछ बात करनी हे लेकिन मेरे कमर मे दर्द की वजा से

सयद बात करने मे मज़ा नही आएगा उसने कहा रचना तुम पेन किल्लर ले लो दर्द कम हो जाएगा. मेने कहा काब्से लिया हे लेकिन कोई फ़र्क नही. मेने कहा क्या तुम मेरी कमर पर बाम लगा दोगे? वो सोचने लगा ओर कहा ओक तुम बाम ले आओ. मे बाम लेकर आई ओर सोफे पर उल्टा लेट गई मेने ब्रा ओर पैंटी नही पहनी थी ये बात शायद उसको पता नही थी उसने कहा रचना चलो मे बाम लगता हू

मेने कहा ठीक हे उसने कहा निक्कर उपर करनी होगी मेने कहा करदो नो प्रॉब्लम उसने जेसे ही मेरी निक्कर उपर की मेरी गान्ड दिखने लगी वो खड़ा हो गया ओर कहने लगा रचना तुमने कुछ पहना ही नही मेने कहा आसिफ़ प्ल्ज़ कुछ मत सोचो मेरी कमर मे दर्द हे प्लीज़ मालिश करदो. आसिफ़ भी शायद गरम हो रहा था तो उसने कहा ओक ओर वो सोफे पर बैठ गया. जेसे ही उसने मेरी कमर पर हाथ रखा मेरे मूह से सस्स्स्स्शह निकल गया उसने कहा क्या हुआ रचना मेने कहा कुछ नही पहली बार कोई लड़का मेरी बॉडी को टच कर रहा था क्या एहसास था. मेने चुपके से देखा तो वो दूसरे हाथ से अपने लंड को सहला रहा था क्यू के मेरी गान्ड उसकी आँखो के सामने बिल्कुल नंगी थी,धीरी धीरे उसने मेरी गान्ड दबाना शुरू किया मेरी चूत से थोड़ा थोड़ा पानी निकालने लगा. मे घूम गई ओर देखा के आसिफ़ की आँखे बंद थी वो भी आँखे बंद करके मज़ा ले रहा था मे बैठ गई ओर उसके लिप्स पर किस करने लगी आआअहह क्या लग रहा था वो भी पागलो की तरह मुझे किस करने लगा ओर ज़ोर ज़ोर से मुझे दबाने लगा. मेने अपनी निक्कर उतार दी.मे अब पूरी नंगी थी उसके सामने वो तो मुझे देखता रहा ओर कहा रचना आज तो तुमने मुझे जन्नत दिखा दी ओर मेरे दूद्धू को दबाने लगा उउउफ्फ दर्द हो रहा था पर वो दबाता रहा मे एक हाथ उसके लंड पर फेरने लगी. वो भी उउउँ आआहह करने लगा ओर कहने लगा रचना तुम बहुत सेक्सी हो मेरी जान अया मेरे लंड को चूसो जाआं ऊ उउउंम मेने उसका लंड बाहर निकाला मेरी आँखे खुली की खुली रह गई उसका लंड काफ़ी मोटा था ओर बड़ा भी लेकिन मेने कुछ नही सोचा ओर चूसने लगी उूउउंम. वाउ क्या लंड था आसिफ़ ने मेरे सर को ज़ोर से पकरा ओर लंड को आगे पीछे करने लगा उसका लंड मेरे गले तक पोचता था लेकिन मुझे मज़ा भी आता था मे पागलो की तरह बस बस मज़े ले रही थी. क्या एहसास था मे बया नही कर सकती उसका लंड तो जेसे मेरे मूह को ही चूत समाज बैठा था करीब 5 मीं तक मे चूसा.आसिफ़ ने कहा रचना लेट जाओ मे लेट गई वो मेरे दूद्धू को चूसने लगा और मेरी पोरी बॉडी पर हाथ फिरने लगा मे बस सस्स्स्स्स्स्सस्स उउउंम सस्स्स्स्स्स्शह अया ओर करूऊओ आसिफ़ उउउफ़फ्फ़ मेरी जाअंन वो धीरी धीरे मेरी चूत की तरफ बड़ा और कुत्ते की तरह चाटने लगा अयाया क्या लग रहा था 10 से 15मीं तक वो मेरी बॉडी ओर चूत को छूता रहा मेने कहा आसिफ़ अब मुझे छोड़ो प्लीज़ आसिफ़ ने कहा हा छोड़ता हू और वो मेरी दोनो टॅंगो के बीच बैठ गया दोस्तो मे आप लोगो को एक बात बताडू ये मे पहली बार कर राई थी उस वक़्त मे वर्जिन थी. आसिफ़ ने अपना लंड मेरी नाज़ुक सी चूत पर रगड़ने लगा उसके लंड से मेरी चूत के दाने को सहलाने लगा सस्स्स्स्सस्स अया मे उछालने लगी ओर मेरे मूह से गली निकल गई छुउऊउउतय छोड़ मुझे छोड़ आसिफ़ हासणे लगा ओर उसने अपने लंड का टोपा मेरी चूत के छेद पर रखा आआअहह ओर अंदर डालने की कोसिस करने लगा बहुत अंदर नही जा रहा था और मुझे दर्द हो रहा था मेने कहा आसिफ़ लगता हे मेरी चूत फट जाएगी प्लीज़ कुछ करो उसने कहा कुछ नही होगा वेट उसके लंड से थोड़ा चीक निकला हुआ था उसने अपने लंड के टोपे पर लगा दिया और फिरसे मेरे छेद पर रखा ढाका लगते ही उसका टोपा मेरी चूत मे गुस गया मे चिल्लाने लगी उूुुुुउउइंाआ मार गाइिईईईईई निकााल दो प्लीज़ मे मार जाउंगी ऊऊओ आसिफ़ निकल लेकिन उसने मेरी एक ना सुनी दूसरा ढाका मारा मेरी तो जान निकालने लगी लेकिन उसका लंड जानेका नाम नही ले रहा था ओर उसने थूक अपने हाथ मे लिया और लंड पर लगा दिया मेरी चूत से जो पानी निकल रहा था वो भी लगा दिया ओर फिर धक्का मारा इस बार उसका आधे से ज़्यादा लंड मेरी चूत मे गुस गया मे रोने लगी ओर बस छीलाने लगी उसने कहा रो मत दर्द कम हो जाएगा लेकिन मुजपर क्या बीत रही थी बस मै ही जानती थी वो अपने लंड को आगे पीछे करते हुए धीमे धीमे पूरा लंड गुसा दिया मेरी चूत से खून निकालने लगा ओर मे बस रोए जा राई थी लेकिन मुझे मज़ा भी आ रहा था आआअहह इम्म्म्ममरण उउुअंम्म उुउउहह छोड़ो मुझे आ वो एहसास आआआः वाउ क्या लग रहा था उसका लंड आगे पीछे हो रहा था ओर मे जेसे स्वर्ग मे पोहच् रही थी दर्द का पूछो मत मेरे रोंते खड़े हो गये थे वो बस मुझे छोड़ते जा रहा था 15मीं बाद उसके ढके ओर तेज हो गये मे बस अयाया ऊवू कर राई थी ओर रोए जा राई थी थोरी देर मे मुझे अंदर कुछ गरम गरम महसूस हुआ जेसे किसीने मेरी चूत मे लोहा पिगला कर दल दिया हो उसने कहा रचना मे कंट्रोल नही कर पाया ओर मेरा पानी तुम्हारी चूत मे निकल गया दोस्तो उसी वक़्त मे झाड़ चुकी थी

दो बार उसने अपना लंड बाहर निकाला तो पूरा खून से लाल था ओर मुझे भी सुकून महसूस हुआ उसने कहा रचना मज़ा आया मेने कहा आसिफ़ भगवान ने मुझे आज दूण्या की सबसे बड़ी ख़ुसी दी हे मे जेसे खड़ी हुई मुझसे चला भी नही जा रहा था आसिफ़ ने कहा रचना मामी पापा के सामने ठीक से चलना ओर पता मत चलने देना मेने कहा मुझे मारना हे जो मे पता चलने डू फिर आसिफ़ ने कहा मे जाता हू ओर वो चला गया मेने मृणालिनी को फोन किया वो मुझसे मिलने आई.