Class me Sex ka Maza

क्लास मे सेक्स का मज़ा

बात उन दिनों की है जब मैं जबलपुर में इंजीनियरिंग कॉलेज का छात्र था। मैंने जबलपुर आने से पहले कभी मेरा किसी के साथ अफेयर नहीं था। मेरी क्लास में एक लड़की पर मेरा दिल आ गया था उसका नाम
अनामिका था. अनामिका भी क्या लड़की थी, उसके बड़े चूचे थे और गांड भी खूब भारी थी।हमारी अच्छी दोस्ती थी.एक दिन अनामिका ने मुझे बताया कि उसे कुछ फ्लावर पॉट खरीदना है। कॉलेज से मार्केट दूर था और मेरे पास बाइक थी। मुझे क्या था, क्लास ख़त्म होने के बाद अनामिका और मैं बाइक पर चल दिए। मैंने बाइक को काफी स्पीड से चला रहा था तो उसने मुझे कमर में कसकर पकड़ लिया.

जैसे ही उसके कोमल हाथ मुझे छूये मेरे पूरे शरीर में लहर दौड़ गयी। उस दिन मार्किट में काफी खरीददारी की और उसको घर तक छोड़ कर आ गया उसने घर में काफी पीने के लिए पेशकश की लेकिन में बहाना मार गया अगले दिन क्लास में अनामिका मेरे साथ आगे बैठी थी और क्लास छुटने के बाद उसने कहा कि कल काफी के लिए मना किया था सो आज कॉफ़ी के लिए कैंटीन चलते है फिर हम दोनों केंटीन में गए इस तरह धीरे धीरे हमारी दोस्ती प्यार में बदल गई।एक दिन लेबोटरी में कोई नहीं था वहा मैंने अनामिका को प्रपोज किया उसने भी हाँ कर दी, उसके हां कहते ही मेने उसे गले लगा लिया और मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए फिर धीरे धीरे चुमते हुए मेरे हाथ धीरे धीरे उसके सुडोल वक्ष को सहलाने लगे । साथ में उसके स्तनों को धीमे धीमे दबाना चालू कर दिया। उसके स्तन सख्त होने लगे और मेरा लंड तो उफान मार रहा था। तब अनामिका ने मेरा लंड अपने हाथो में लेकर सहलाने धीरे से मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगी।उसने पहली बार शायद मुह में लिया था इसलिए उसे मेरा बड़ा लिंग लेने में कठिनाई हो रही थी फिर उसके स्तनों को दबाते हुए मैने उसकी टीशर्ट को निकाल फेका उसके संगमरमरी दुधिया बदन में काली ब्रा बहुत ही खुबसूरत लग रही थी.इधर मेरा लंड चूसते चूसते अचानक अनामिका ने मेरे कपड़ो को उतार दिया और मेरे साथ लिपट गई मेने भी उसके पुरे कपड़ो को उतार दिया अब हम प्राकर्तिक अवस्था में आ गए अब मेने उसे पास में रखे सोफे पर लिटाया और उसके गुलाबी और क्लीन चूत के होंठ पर अपने होंठ रख दिया अनामिका तो सिहर उठी बोली मत करो में सह नहीं पाऊँगी लेकिन में चूत को होठों से चूमता रहा और धीरे से जीभ को चूत के अंदर डाल दी अनामिका के चूत से नमकीन पानी आने लगा उसने मेरे सिर को पकड़ कर चूत में दबाने लगी लेकिन मेने उटकर चूत के ऊपर अपना लंड रगड़ने लगा और लंड को हलके धक्के के साथ चूत में डाल दिया अनामिका कराह उठी उसकी आँखों में आंसू आ गए.मेंने थोड़ा रूक कर फिर जोर का धक्का दिया मेरा पूरा लंड अंदर आने से अनामिका ने मुझे धक्का देना चाहा लेकिन में उसकी पीठ से हाथ कसकर चिपकाया हुआ था जिससे वो सिर्फ हिल कर रह गयी फिर में कमर को आगे पीछे करने लगा इससे अनामिका को दर्द की जगह अच्छा लगने लगा उसने मुझे रफ़्तार बढ़ाने को कहा उसकी कसी हुई चूत में मुझे भी मज़ा आ रहा था मेरी रफ्तार भी तेजी से बढ़ रही थी अचानक अनामिका ने मुझे जकड लिया उसकी चूत सिकुड़ गयी जिससे मेर लंड की रगड़ और तगड़ी हो गयी इससे अनामिका का शरीर थरथरा गया और उसकी चूत में से कामरस निकल गया वह बुरी तरह मुझ से लिपट गयी वह चरम अवस्था में पहुच चुकी थी इधर मेरी चरम अवस्था न होने के कारण पिस्टन की तरह में चूत को लंड से ठोके जा रहा था उसकी चूत के रस के वजह से चिकनापन हो गया और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था कुछ देर बाद मेरा भी वीर्यपात हो गया और उसकी चूत वीर्य और खून से भर गयी थी खैर में उसके होठो को चुमते हुए उसी के ऊपर निठालहोकर लेट गया कुछ देर तक हम इसी तरह पड़े रहे फिर हम अटेच बाथरूम में जाकर एक दुसरे के अंगो को साफ किया और कपडे पहनकर लेबोटरी से बाहर आ गए