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Devar Bhabhi ki Chaah

देवर भाभी की चाह

बात दो साल पहिले की है जब मेरे पति को काम के सिलसिले में दिल्ली जाना पड़ गया था. उन्ही दिनों मेरा देवर छुट्टियों में घर आया हुआ था मेरा देवर अनिल आर्मी में था वह सुबह सुबह कसरत के लिए उठ जाता था. मैं उसका नाश्ता और खाना सुबह ही तैयार देती थी। अनिल सवेरे उठता तो कई बार मैं कम कपड़ो में सोती
थी, तब वह मुझे गौर से बोबे निहारता था। मुझे अस्तव्यस्त कपड़ों में अनिल का मुझे ऐसे निहारना रोमांचित कर देता था। वो तिरछी नजरों से मेरे स्तनों का रसपान करता था। पजामे से उसका लण्ड जोर मारता स्पष्ट दिखाई देता था।मेरे पति के जाने से मुझ को सेक्स करने की इच्छा सवार रहती थी पर कैसे अनिल से सेक्स करू मेरी समझ में नहीं आ रहा था एक दिन मैं अपने कमरे में जा कर लेटी थी। मन तो अनिल की तरफ भटक रहा था। और मेरे हाथ धीरे धीरे योनी को सहला रहे थे मेरा पेटीकोट भी ऊपर उठा हुआ थ। अचानक मुझे लगा को कोई मुझे देख रहा है है? मैंने तुरन्त नजरें घुमाई तो अनिल दरवाजे से झाकता नजर आ गया। मैंने तुरंत पेटीकोट नीचे कर लिया और उठ गई। Continue reading

Class me Sex ka Maza

क्लास मे सेक्स का मज़ा

बात उन दिनों की है जब मैं जबलपुर में इंजीनियरिंग कॉलेज का छात्र था। मैंने जबलपुर आने से पहले कभी मेरा किसी के साथ अफेयर नहीं था। मेरी क्लास में एक लड़की पर मेरा दिल आ गया था उसका नाम
अनामिका था. अनामिका भी क्या लड़की थी, उसके बड़े चूचे थे और गांड भी खूब भारी थी।हमारी अच्छी दोस्ती थी.एक दिन अनामिका ने मुझे बताया कि उसे कुछ फ्लावर पॉट खरीदना है। कॉलेज से मार्केट दूर था और मेरे पास बाइक थी। मुझे क्या था, क्लास ख़त्म होने के बाद अनामिका और मैं बाइक पर चल दिए। मैंने बाइक को काफी स्पीड से चला रहा था तो उसने मुझे कमर में कसकर पकड़ लिया. Continue reading

Lady Boss ko Office me Choda

लेडी बॉस को ऑफीस मे चोदा

बात उस समय की है जब मैं एक सॉफ्टवेयर कम्पनी में काम कर रहा था। मिस किंजल मेरी बॉस थी। उम्र रही होगी करीब २८ साल की। लम्बी करीब ५’८” और सारी गोलाईयां एकदम परफेक्ट .एक

दिन हमारे आफिस का नेटवर्क गडबडा गया। कभी ऑन होता तो कभी ऑफ। उसदिन शनिवार था। मैं दिन भर उसी में उलझा रहा पर उस गुत्थी को सुलझा नहीं पाया। आखिर थक कर मैंने मैडम को कहा कि अगले दिन यानि रविवार को सुबह नौ बजे आकर इस को ठीक करने की कोशिश करूंगा। मैंने उनसे आफिस की चाभियां ले लीं।

अगले दिन जब मैं नौ बजे ऑफिस पहुंचा तो देखा कि किंजल मैडम मेन गेट के सामने खडी हैं। मैंने उन्हें विश किया और पूछा “आप यहां क्या कर रही हैं”।

वो बोलीं ” बस ऐसे ही। घर में बोर हो रही थी तो सोचा कि यहां आकर तुम्हारी मदद करूं”। हम दरवाजा खोलकर अन्दर गए। मैडम ने कहा कि आज इतवार होने की वजह से कोई नहीं आएगा। इसलिए सुरक्षा के खयाल से दरवाजा अन्दर से बन्द कर लो। Continue reading

Sex Ki Class Teacher

सेक्स की क्लास टीचर

बात उन दिनो की है जब मैं १२वीं की बोर्ड की परीक्षा देकर फ़्री हुआ था और रिजल्ट आने में तीन महीने का समय था। ये वो समय होता है जब हर लड़का अपने बढ़े हुए लंड के प्रति आकार्षित रहता है साथ-साथ बढ़ती हुई काली-काली घुंघराली झांटे उसका मन जल्दी से किसी नशीली चूत का रस पान करने को प्रेरित करती हैं। मैने फ़्री टाइम को सही इस्तेमाल करने के लिये एक इंगलिश स्पीकिंग कोर्स ज्वाइन कर लिया। हमारे घर से थोड़ी दूर पर एक नये इंगलिश कोचिंग सेंटर खुला था जहां मैं अपना एडमीशन लेने पहुंच गया। मेरे लौड़े की किस्मत अच्छी थी वहां जाते ही मेरा सामना एक कमसिन, अल्हड़, मदमस्त, जवान, औरत से हुआ जो पता चला वहां की टीचर है। उसके गोरे-गोरे तन बदन को देखते ही मेरा तो लौड़ा चड्ढी में ही उचकने लगा। उसकी खुशबूदार सांसो ने मन मे तूफ़ान पैदा कर डाला था। मन तो उसके तुरंत चोदने को कर रहा था पर क्या करता वहां तो पढ़ने गया था।

एडमीशन देते हुए वो भी मुझे आंखों ही आंखों में तौल रही थी। वो २७ साल की भरे बदन वाली मैडम थी। शादी-शुदा, उसकी दोनो बूब्स (चूचियां) आधा किलो की थी और उसके गद्देदार मोटे चूतड़ (गांड) उभार लिये संगमरमर की मूरत से तराशे हुए हिलते ऐसे लगते थे जैसे कह रहे हो- “आजा राजा इस गांड को बजा जा” Continue reading

Maa aur Tau ji ki Khet me Chudai

माँ और ताऊ जी की खेत मे चुदाई

मैं इस साईट की लगभग सारी कहानियाँ पढ़ता हूँ। मुझे सारी कहानियाँ बेहद ही अच्छी लगी। उनको पढने के बाद मैं एक ऐसी कहानी लाया हूँ जिसे मैंने अपनी आँखों के सामने होते हुये देखा था। इससे पहले कि मैं अपनी कहानी को शुरु करूँ, सबसे पहले मैं उन दोनों लोगों का परिचय आपसे करा दूँ।

इस कहानी में दो लोग- कोई और नहीं एक मेरी माँ और दूसरा एक इन्सान मेरे ताऊ जी जिसकी उमर साठ साल की है। यह कहानी वैसे तो कुछ पुरानी है लेकिन मेरे सामने जब भी वो दिन याद आता है तो मुझे ऐसा लगता है कि यह कल की ही बात है। मेरा नाम कमल है हमांरे परिवार में मैं, माँ और पापा हैं। मेरे पापा सेल्समैन हैं, वो कई कई दिनो तक बाहर रहते हैं…।

वैसे भी हमांरे सारे सम्बन्धी गांव में रहते हैं, हम साल में दो या तीन बार जाते हैं। वहाँ हमांरे ताऊ जी रहते हैं, उनकि पत्नी की मौत के बाद वो अकेले ही रहते हैं। हम नवरात्रि में गाँव जाने वाले थे। पापा भी आने वाले थे लेकिन उनको कुछ काम आ गया तब उन्होंने हम दोनों को गांव जाने के लिये कहा।

माँ ने कहा- ठीक है। Continue reading