Category Archives: देवर भाभी

Bhabhi ko seduce kiya

मेरे प्यारे चोदु दोस्तो आशीष का नमस्कार. मे आपको आज एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हू. बात उन दीनो की है जब मे बारहवी की परीक्षा पास कर के दिल्ली के एक कॉलेज मे अड्मिशन लिया था. मे अपने एक कज़िन के साथ रहता था देल्ही मे. मेरी भाभी उन दीनो ३२-३३ की रही होंगी. वो देखने मे तो बहुत सुंदर नही थी पर उनकी गॅंड और चूची देख के किसी का भी लॅंड खड़ा हो जाए. वो बहुत हे फ्री नेचर की थी. कभी बिना ब्रा की ट्रॅन्स्परेंट ब्लाउस पहनती थी तो कभी मेरे लंड या गॅंड को छूटी थी जैसेआंजाने मे चू गया हो. मे भी किसी ना किसी बहाने से उनको छूने की कोशिश करता रहता था . वो भी कभी कभी मुझे अपने पैर दबाने को बुलाती थी पर कभी जाँघो से उपर नही जाने देती थि. एक दिन मै एग्ज़ॅम के बाद अपने घर मधुबनी जाने की तैयारी कर रहा था और भैया काम से कही बाहर गये थे. बच्चे दूसरे कमरे मे खेल रहे थे (उनके २ बच्चे थे) . मेरा मान भाभी के पास बैठने को कर रहा था. वो अपने रूम मे लेटी हुई थी. मै उनके बगल मे बैठ गया. बाते गर्लफ्रेंड पर चली गयी और हम दोनो थोड़ा उत्तेजित हो रहे थे. मै धीरे से उठा और बच्चो का कमरा बाहर से लॉक कर दिया जिससे बच्चो को कुछ पता ना चले. जब मै खड़ा हो रहा था तो भाभी ने मेरा लॅंड खड़ा देख लिया था. जब मै वापिस आ के बैठा तो वो बोली देखो आशीष मेरी बाह की स्किन कितनी स्मूथ है. मैने थोड़ा सहलाया और फिर उनकी गॅंड पर हाथ मार के बोला की ये ज़्यादा स्मूथ है, मेरी भी फॅट रही थी पर मुझे लगा अभी नही तो कभी नही और फिर मैने उनके दूद्धू पकड़ लिया और बोलाकी सबसे ज़्यादा स्मूथ ये है. वो मुस्कुराइ और बोली की तुम्हारे पास भी कुछ है मेरे लायक और उन्होने मेरा लॅंड पकड़ लिया. मै खड़ा हुआ और ज़िप खोल के बोला की देख लीजिए. उन्हो ने पालक झपकते ही मेरा लंड अपने मूह मे ले लिए. करीब ५ मिनिट की चुसाई के बाद मै उनके मूह मे झड गया. जब मै उनकी साड़ी उठाने लगा तो उन्होने बोला अभी नही रात मे जब सब सो जाएँगे तो मै मिलूंगी तुम्हारे रूम मे. अब तुम जाओ और टिकेट कॅन्सल करा दो. मै उठा और धीरे से बच्चो का रूम खोल दिया और ऐसे टीवी देखने लगा जैसे कुछ हुआ ही नही.

शाम को मई टिकेट कॅन्सल करा के आया और डिन्नर कर के अपने रूम मे चला गया. रात मे १ बजे जब मुझे लगने लगा की लगता है उनका मूड बदल गया तभी मेरे रूम का दरवाजा खुला और लाल रंग की नाइटी मे अप्सरा सी भाभी आई और मेरे बगल मे लेट गयी. मैने धीरे से उनकी नाइटी मे हाथ डाला और उनके बूब्स सहलाने लगा. दोनो गरम थे और इंतेज़ार नही हो रहा था. भाभी ने बोला कपड़े उतारो. मै बोला किसके? वो मुस्काराई और बोली मेरे राजा जिसकेचाहो उसके. मैने बिना देर किए पहले अपने उतारे और उनके खीचने लगा. वो बोली धीरे से फॅट जाएगी और खड़ी हो गयी और खुद हे उतार दी. अब हम दोनो नंगे खड़े थे. मैने उन्हे गले लगाया और धीरे धीरे उनके लिप्स चूचने लगा. वो मेरा लंड सहला रही थी. मै इतना उत्तेजित था की जल्दी से उनके हाथ मे हे झड गया. वो मुस्कुराइ और घुटनो पर बैठ के मेरा चूसने लगी. जल्दी ही मेरा फिर खड़ा हो गया. वो बोली अब इंतेज़ार नही होता जल्दी से डाल दो और लेट गयी. मैने भी बिना देर किए उनके अप्पर लेट गया और उनकी बुर के मूह पर अपना लंड रख दिया. मै भी नया था और मुझसे हो नही रहा था. उन्हो ने मेरा लंड अपने हाथ से पकड़ा और निशाने पर रख के बोली अब धक्का मार. मैने एक धक्का मारा तो लंड चूत की गहराइयों मे उतार गया. मै सातवे आसमान पर था. करीब १० मिनिट की चुदाई के बाद मैने कहा मै झड़ने वाला हू उन्होने बोला अंदर ही निकाल दो मैने दवा खा रखी है. उस रात हुमने ३ बार चुदाई की. उसके बाद अगले २ साल तक जब भी भैया बाहर जाते हम चुदाई मे जुट जाते.

एक बार मैने भाभी को उनकी ननद के साथ लेज़्बीयन सेक्स करते देखा और मै उसका हिस्सा कैसे बना, हमारे थ्रीसम की कहानी अगली बार. तब तक के लिए मौके तलाशते रहे. गुड लक फॉर युवर अटेंप्ट्स.