Bhabhi Ko Janam Din Per Choda

भाभी को जनमदिन पर चोदा

आज मेरी भाभी का जनमदिन है मैने भाभी को पहले कह दिया था इस बार का जनमदिन भाभी और मैं एक साथ मनाईगे. जनमदिन के दिन मैं केक ले कर आया और भाभी के लिए एक अच्छा सा गिफ्ट भी लाया गिफ्ट मैं किया था मैं आप को आज बताओगा.भाभी ने कहा आगए देवर जी रात के 12 बजने वाले हैं .मेरे जनमदिन की तैयारी हो गई मैने कहा भाभी आप बेफिकर रहिए आप के इस देवर ने पूरी तैयारी कर ली है .पहले आप नहा कर एक अच्छा सा पटियाला ड्रेस पहन लीजिए. पटियाला शलवार मैं आप बहुत ही सेक्सी लगती है .भाभी ने कहा कौन सा वाला पटियाला ड्रेस पहनु मैने कहा भाभी वलवेट का जंपर है और पतली ग्रीन कौलौऊर की फूल चुन वाली शलवार है .भाभी ने कहा ठीक है आअप केक और कंडेल की तैयारी कीजिए मैं अभी नहा कर आती हूँ.

मैने कहा भाभी सब तैयार है आप बस अच्छे से नहा लीजिए .मैने पहले से ही बाथरूम का दरवाज़े के स्क्रू खोलकर दरवाज़ा निकल लिया था और एक पतला परदा लगा दिया था ताकी मुझे भाभी को नहाते हुए देख सकु.भाभी ने पूछा के बाथरूम का दरवाज़ा कहाँ गया और यह परदा कैसे लटक रहा है .मैने कहा भाभी हू दरवाज़ा नीचे से गल सड़ गया था मैने निकल कर दूसरा बनने दिया है तब तक यह परदा लगा दिया है आप आराम से पर्दे के अंदर नहलो.भाभी तोड़ा गुस्से मैं नहाने के लिए चली गई.मैं कुर्सी ले कर बाथरूम के बाहर बैठ गया.भाभी ने कहा यहाँ कियूं बैठे हो तो मानिए कहा भाभी अपने घर मैं चूहे बहुत हैं पहले दरवाज़ा था तो वो अंदर नही जाते थे लकिन पर्दे मैं से अंदर जा सकते हैं इसी लिए चूहा अंदर नही जाए मैं चूहा भागने के लिए बैठा हूँ.

भाभी ने कहा देवर जी आज अपनी भाभी की बड़ी फिकर हो रही है.मैने भी कह दिया भाभी आप तो मेरी भाभी जान हो आप का तो पूरा ख़याल रखूँगा आज.फिर भाभी अंदर जाने वाली थी मैने उनके हाथ मैं से हू ग्रीन ड्रेस ले लिया जो भाभी नहाने के बाद पहनने वाली थी मैने कहा भाभी लाओ यह ड्रेस मैं पकड़ लेता हूँ अंदर कपड़े टाँगने की कोई कील नही है .वो प्लमबर ने सब निकल दी है.तो भाभी अपने कपड़े मुझे दे कर अंदर नहाने चली गई. भाभी ने अंदर लाइट चालू की तो धुँधला धुँधला सा दिखने लगा.

मैने कहा भाभी लाओ कपड़े उतार दिए हैं तो मुझे दे दो नही तो नीचे भीग जाए गे.भाभी ने अपनी जंपर उतार कर पर्दे मैं से हाथ बड़ा कर दे दिया .मैने कहा लाओ शलवार भी दे दो तब भाभी ने कहा उतार कर देती हूँ.बहुत देर हो गई भाभी ने शलवार नही दी मैने कहा भाभी आप की शलवार दो .भाभी ने कहा के देवर जी शलवार मैं गाँठ टाइट लग गई है नडा खुल नही रहा है.मैने किचें से छुरी लाकर भाभी को दी भाभी ने पर्दे मैं से हाथ निकल कर छुरी लेनी चाही तो मैने भाभी का हाथ पकड़ लिया और कहा भाभी छुरी कहीं आप की कमर पर ना लग जाए मैने सही से नडा काट देता हूँ.भाभी ने कहा अंदर मत आना मैने अंदर नंगी हूँ. मैं खुद नारा काट लूँगी लाओ छुरी मुझे दे दो मैने छुरी भाभी को दे दी .भाभी ने अपनी शलवार का नडा काट कर शलवार ुआतर कर मुझे दे दी शालर मैं नडा कटा हुआ था शलवार थोड़ी सी भीगी हुई भाई थी शायद शलवार उतरते वक़्त ज़मीन पर गिर गई होरी.

शलवार मैं से बहुत अच्छी महक आ रही थी आए कियूं नही ये शलवार भाभी ने अभी अभी उतरी थी.शलवार मैं अभी भी भाभी की जाँघो और प्यारी सी चूत का एहसास था. मैने शलवार की मियानी जहाँ भाभी की चूत लगती होगी उस हिस्से को अपने मुहन मैं ले कर चूसने लगा .शलवार चूसने मैं बहुत मज़ा आ रहा था.फिर मैने भाभी की ब्रा और चड्डी माँगी तो भाभी ने ब्रा और चड्डी देने से माना कर दिया .नहाने के बाद वो वही ब्रा पनटी पहेन्ने वाली थी. मैने भाभी की कमीज़ को काट के थोरा बड़ा कर दिया ताकि मै उनकी कमर देख सकू .

कमीज़ की लंबाई भाई 10 इंच काट कर उसे एकदम पटियाला बना दिया. ताकी भाभी की नाभि शलवार के उपर से पूरी देख सकों शलवार को भी मैं नडा बाँधने के तरफ से 4 इंच काट दिया ताकी उनकी नाभि देख लू.और चूत के पास वाली जगह की थोड़ी सिलाई खो दी ताकी खींचने पर शलवार चूत के पास से आराम से फॅट जाए.और शलवार के नडे मैं मैने दो झूमेर लगा दिए ताकी भाभी की शलवार का नडा लटकने और चलने पर आवाज़ आए.15 मुनीते तक भाभी अंदर नहाती रही और मैं उनके पर्दे के बाहर से देखता रहा .नहाने के बाद भाभी ने ब्रा पनटी पहनी और अपने कपड़े माँगे .

तो मैने भाभी के रीसाइज़ वाले कपड़े उन्हे दे दिए .भाभी अंदर समझ तो गई होंगी के मैने उनके कपड़ों को रीसाइज़ किया है.भाभी कपड़े पहन कर बाहर आई तो कसम से आइटम लग रही थी .कमीज़ तो खाली उन के नाभि तक ही थी. दोनो चको मैं से भाभी की कमर नज़र आ रही थी लकिन भाभी ने शलवार के नडे को अंदर गुरस लिया था और झूमेर भी नही दिख रहा था जो मैने उनकी शलवार के नडे मैने बँधा था .

फिर भाभी ने अपनी कमीज़ उपर करके अपनी शलवार मुझे दिखाई और अपनी शलवार के अंदर से नडे को बाहर निकाला और नडा बाहर कर दिया झूमेर भी लटक लटक कर छान छान बाज अरहा था भाभी ने पूछा ये तुमने बँधा है मैने कहा हन भाभी ये झूमेर मैने आपके लिए थे आपकी कमीज़ मैं पीछे गले पर डोरी थी ही नही इस लिए यह मैने आपकी शलवार के नडे मैं बाँध दी .आप ये नडा अपनी हर शलवार मैं डाला करो और नडे को ऐसे ही बाहर लटकता चोर दिया कर बहुत अच्छा लगता और आप कुछ भी कारगी तो यह झूमीर चनछन बनते मैं.तो बहुत अच्छा लगता हैं.फिर भाभी ने अपनी कमीज़ नीचे करी और अपने मिरर के सामने अपने बाल बनाने लगी मैने भाभी से पूछा के भाभी आप ने अपनी पनटी और ब्रा कियूं नही दी.भाभी ने कहा के हू तो मैने अभी भी पहनी है .मुझे गुसा आया मैने कहा किया भाभी आपं अपने जनमदिन के दिन भी पुराने कपड़े पहन लिए हैं यह अच्छी बात नही है मैने तुरंत काँची उठाई और भाभी के पीछे से पकड़ लिया.

भाभी ने कहा देवर जी किया कर रहे हो मैने कहा भाभी बस ऐसे ही सीधी कड़ी रहो और निकालो अपने ये पुरानी ब्रा और पनटी.मैने एक हाथ से भाभी की कमर को दबोचा तो भाभी को गुदगुदी हुई हू तोड़ा सीस्याई मैने उनकी कमीज़ के कट मैं हाथ डाल कर शलवार को पकड़ा और तोड़ा नीच किया तो उनकी वाइट कॉटन पानी की लाइन दिखने लगी.भाभी ने कहा देवर जी ऐसा मत कीजिए आप रुकिये मैं आप को पनटी उतार कर देती हूँ लकिन काटिए मत मैं कहाँ मानणने वाला था मैं भाभी की पनटी की लाइन को पकड़ा और कैची से काट दिया और फिर दूसरी तारक की पनटी की लाइन को भी पाकर कर काट दिया .

अब भाभी की पनटी ढीली हो गई थी लकिन हू अभी भी शलवार के अंदर थी मैनभाभी की चूत पर हाथ रखा और पनटी को पकड़ कर आहिस्ता आहिस्ता से नीचे खिसककर शलवार के नीचे पैचे मैने से नाइकी लिया और अपनी पंत खोल कर अपने लंड बाहर निकाला जो परूरा 10 इंच का कड़ा था और पनटी को अपने लंड से लपेट कर लंड पंत के अंदर करके ज़िप ब्न्ड कर ली भाभी मुझे देख नही पाई कियंके हू मेरे पीछे खरी थी लकिन फिर भी उन्हो ने मिरर मैं से तोड़ा तोड़ा दरखह लिया था अब भाभी की ब्रा की बरी थी .मैने ने भाभी की कमीज़ की चैन पीछे से खोल चैन पूरी कमर तक थी मैं चैन पूरी कमर तक खोल दी अब भाभी की पूरी पीठ मेरे सामने नंगी थी.मैने भाभी की ब्रा की पट्टी को कची से खटक से काट दिया और ब्रा ढीली हो गई.

फिर मैने भाभी के दोनो कन्धे पर कमीज़ हटाई तो उनकी ब्रा की स्ट्रीप दिखने लगी.मैने कैंची से स्ट्रीप काट दी.और तुरंत भाभी के कमीज़ के गले मैं हाथ डाल कर ब्रा पकड़ ली भाभी ने कहा देवर जी ब्रा मत निकालो प्लीज़ मैने कहा भाभी ब्रा निकलना ज़रूरी है. मैली पुरानी ब्रा पहनने से आपके प्यारे दूधो को इन्फेक्षन हो सकता है और एक झटके मैं मानने ब्रा बाहर खींच ली.मैने भाभी से कहा के भाभी आप बाल बना लो फिर हम साथ मैं आप का जनमदिन सेलेब्रेट करेंगे.अब भाभी सिफ्र छोटी सी पटियाला कमीज़ और फूल चुन वाली शलवार मैं थी अंदर भाभी के ना ब्रा थी ना पनटी.ब्रा ना होने की वजा से भाभी के ढूढ़ थोड़े लटक से गये थे.

उनके दूधो की नोक भी दिख रही थी.भाभी ने देख लिया था के मुसलसल उनके ढूढों को देख रहा हूँ तो उन्होने अपने ढूढों पर अपनी ओढनी दल ली और ओढनी से अपने सिने और छाती को अच्छे से धक लिया.लकिन उनकी कमीज़ की लंबाई जो मैने थोड़ी ज़्यादा काट दी थी उनके पेर से थोड़ी ही नीचे थी हू शलवार मैं जहाँ नडा बाँधती थी हू तक दिखाई दे रहा था .शलवार मैं चुन बहुत थी इस लिए भाभी के दोनो कोल्हे थोड़े फूले फूले लग रहे थे वैसे भी भाभी के चूतड़ बहुत बड़े थे.उस पतली कपड़े की शलवार मैं भाभी के कूल्हे उनकी राणे और टाँगे सॉफ नज़र आ रही थी .

अब भाभी ने बाल बनाकर मेकप लाली सब कर लिया था हू बहुत सेक्सी लग रही थी.शलवार का नडा भी लटक रहा था और उस मैं लगे झूमेर से हाँ छान की आवाज़ आ रही थी.अब केक काटना था.मेरा लंड तो पूरा खड़ा था मुझ से बर्दाश्त नही हो रहा था जी चाह रहा था के भाभी की शलवार उतर कर उनकी चूत को अपने मुह मैं भर लूँ और सारा रस पी जाओं . मेरा खड़ा लंड मेरे नाइट पंत मैं से सॉफ उभर नज़र आ रहा था.

तभी भाभी बाथरूम की तरफ जाने लगी.मैने उनके हाथ पकड़ लिया और पूछा कहाँ जा रही हो भाभी केक काटने का टाइम हो गया है.भाभी ने कहा बहुत ज़ोर से पेशाब लगी है ज़रा पेशाब करके आती हूँ.फिर भाभी बाथरूम मैं जाकर पेशाब करने लगी बस मुझ से बर्दाश्त नही हुआ मेरा लंड पूरा 12 इंच का हो गया मैं भाभी की पेशाब की आवाज़ सुन कर अपने लंड हिलने लगा. मैने केक के बीच का छोटा सा टुकड़ा काटा और अपना वीर्य उसमे भर दिया, अब मुझे शाँति हो गई थी.

फिर मैने केक के टुकड़ा को वापिस अंदर दबा दिया .और केक सही किया .अब केक काटना था भाभी को नही पता था के मैने काक के एक कोने मैं अंदर मैने अपने वीर्य केक मैं मिले दी है .इतने मैं भाभी पेशाब करके बाहर आई .मैने भाभी से कहा चलो भाभी केक काटते हैं.भाभी केक के सन्मने आकर खड़ी हो गई. मैने केक की मोमबत्तया जलाई और लाइट्स सब बंद करदी और अपनी भाभी के पीछे जाकर खड़ा हो गे.और एक हाथ से भाभी की कमर मैं डाल दिया .अब कमरे मैं पूरा अंधेरा था बस मोमबत्ती की रोशनी थी जो केक पर जल रही थी.अब भाभी के हाथ मैं छुरी थी और मेरे हाथ मैं काईची थी .

मैने बड़ी होशयारी से भाभी की शलवार को पीछे के साइड से गांद के पास से कैची से तोड़ा काट दिया भाभी को पता ही नही चल के उनकी शलवार पीछे से गांद के पास से 6 इन से ज़्यादा काट गई है.फिर मैने कैची सिडा मैं रख दी और अपनी भाभी से पूरा चिपक गया.भाभी तोड़ा अनकंफर्टबल फील कर रही थी लकिन मैने एक हाथ से उनको कमर से अच्छी तरहा पकड़ कर रखा था .मैने अपने पैर से केक के टेबल को तोड़ा आग कर दिया .अब मैने भाभी से कहा के चलो मोमबत्ती बूजाओ और केक काटो . भाभी थोड़ा आगे बढ़ कर मोमबत्ती बुझाना चाहती थी पर मैने उन्हे पकड़ रखा था. आगे नही बढ़ने दिया..

मैने कहा भाभी तोड़ा झुक कर मोमबत्ती बुझे दो .भाभी थोड़ा आगे जुखी टोमने तुरंत अपनी नाइट पंत उतार दी मेरा खड़ा लंड भाभी की शलवार से लग गया.भाभी को अपने चूतदों पर शलवार के उपर से कुख गरम सा लगा.भाभी ने पूछा यह गरम गरम किया है.मैने कहा हू आपं तुड़ा झुकी तो मुझे लगा की आप का बॅलेन्स नही बिगड़ जाए इस लिए मैने आप के चूतड़ पर हाथ रख दिए लकिन रियल मैं हू मेरा लंड था जो बिलकूम मेरे हाथ के ब्राबार था .बड़ा और मोटा लकिन बहुत गरम था.मैं लंड को भाभी की चूतर पर हल्के से रगड़ने लगा .लंड इतना गरम था के शयब भाभी को मालूम पद गया था के मैं उनके चूतड़ पर अपना हाथ नही बल्कि लंड रग़ाद रहा हूँ.

अब मेरा लंड उनकी चूतड़ के बीच मैं दरार मैने जाने लगा जान मैने उनकी शलवार कैंची से काट दी थी.जैसे ही मेरा लंड उनकी शलवार के फटे हुए हिस्से मैं अंदर गांद पर टच हुआ तो भाभी की सिस्काई निकल गई .अहह उनके मुझ से हल्की सी आह आह निकल गई लकिन उन्हो ने ना ज़ाहिर होने दिया ना कुछ कहा .अब भाभी तोड़ा और झुक कर मोमबत्ती बुझाने लगी मैने भी लंड को और नीचे करके शलवार के पूरा अंदर कर दिया और उनकी चूत पर टच कर दिया .तभी भाभी ने एक ज़ोर से फूँक मारी मैने उनकी वक़्त लंड को पूरी ताक़त से चूत मैं दबा दिया जिस से लंड आधा चूत मैं घुस गया भाभी की फूँक निकल गई सारी मोमबत्ती भुज गई.और मुझे भी एक अजीब सा एहसास हुआ भाभी की चूत की गर्माहट मुझे महसूस हो रही थी लंड अंदर था भाभी ने पीछे मूड कर मुझे देखा उनके चेहरे पर एक हल्की सी स्माइल थी मैने तुरत गाना गया हॅपी बर्त दे तो योउ.

और फिर लंड बाहर निकल कर झटका दिया और लंड तोड़ा ज़्यादा अंदर गया .और मीयन भाभी की चुदाई हल्के से करने लगा और हॅपी बिरहे गाना गाने लगा.भाभी भी आ आह सी न ह्म करने लगी लकिन.मैने भाभी से कहा केक तो खिलाओ भाभी ने छुरी से काक काट करमुझे अपें हाथों से खिलाने के लिया मोदी तो मेरा लंड फ़चक से उनकी चूत से बाहर निकल गे.लकिन मैने तुरत उनको अपनी बाहों मैं भर लिया और पीछे से उनके चूतड़ कस कर पकड़े मेरा लंड उनके पेट पर डब रहा था.मैने छुरी पर जान बूच कर हाथ मारा .तो काक एका टुकड़ा उनके गले मैं कमीज़ के अंदर घुस गया.भाभी ने कहा यह किय किया देवर जी सब केक आपने मेरा ढूढों पर गिरा दिया.

मैने कहा भाभी कोई बात नही मैं अभी इसे सॉफ करदेता हूँ मैने भाभी की कमीज़ को शहोलडेस से पाकर कर नीचे कर दिया और भाभी का पूरा सीना खुल गया उनके आधे मुममे मुझे दिख रहे था केक उनके ढूढों पर गिरा हुआ था मैने प्यार से आराम से केक चाटने लगा .कस कर मैने उनके पकड़ा था और केक चाट रहा था . केक चाटना तो एक बहाना था असला मैं तो मैं उनके सिने उनके चूची को चाट रहा था भाभी मेरा बाल सहलारही थी .मैने थोड़ी कमीज़ और नीचे करी तो चार से उनकी कमीज़ आगे से फॅट गई और भाभी के दोनो चूची जहतक से बाहर आ कर लटकने लगे भाभी को तो शरम आ गई और उन्हो कहा हाए दीयया ह देवर जी आपने तो मुझे उपर से पूरा नंगा कर दिया. भाभी की चूची बहुत मोटी थी और लंबी भी थी कुछ नही तो 1.5 इंच लंबी उनकी छोची कोफ़ी कलर की थी अब तो मैं आराम से उनके छोची को चूसने लगा .10 मिनिट तक छोची चूसने के बाद मेरा पेट भर गया .भाभी भी तोड़ा हिली और कहा देवर जी अब मुझे केक नही खिलाओगे.

मैने कहा कियूं नही.भाभी थोड़ा पीछे हटी मैने देखा के भाभी की शलवार आगे से चूत के पास से थोड़ी गीली हो गई है.मैने समझ गे के यह भाभी की चूत का रस है.भाभी ने देखा के मैं उनकी चूत की तारक देख रहा हूँ जो गीली थी भाभी ने अपने हाथ से पानी चूत को छुपा लिया.अफ़सोस मैं भाभी की चूत देख नही पाया कियूं के शलवार पीछे की तरफ गांद के पास फटी हुई थी आगे से कुछ नही दिखा.फिर मैं छुरी से केक का हू हिस्सा कटा जहाँ मैने अपनी मानी रस दबाई थी जो मेरी मानी से लबालब भाभी हुई थी लकिन हू केक के बीच मैं दबी हुई थी और केक भी सफेद था इस लाइए मुलूम नही पड़ता था मैने वोही हिस्सा काट कर भाभी को पकड़ कर सोफे पर के गया और अपनी गोद मैं बिताया .मैने नाइट पंत आधी उतार दी थी इस लिए भाभी सीधा मेरा खड़े लंड पर ही बैठ गई और मेरा लंड भाभी की चुत्तर के नीचे दब गया. मैने उन्हे अपने हाथ से केक खिलाया.

भाभी बड़े मज़े से छपचप केक खाने लगी.उन्हों ने मुझे से पूछा भी के केक कुछ नमकीन सा लग रहा है और बहुत चिकनाहट है मैने कहा के शायद क्रीम ज़्यादा होहि इस लिए काग रहा है और भाभी ने बड़े आराम से मेरी मानी मैं साना हुआ केक खाया .भाभी को भी किया मूलम पड़े गा के हू काक एनही बल्कि मेरी लंड कर रस मेरी मानी खा रही हैं.अब मैने भाभी की कमीज़ को उपर किया देखा तो उनकी शलवार का नडा लटक रहा था नडा लंबा था उनकी जांघों मैं था और नडे मैं किनारे पर झूमेर बँधे हुए थे मैं उन झोंमेर से खेलने लगा.भाभी ने पूछे के देवर जी आप ने अपनी भाभी की शलवार के नडे मैं झूमेर कियूं भंडे.मैने कहा भाभी आपं अपनीी चूत चूसने तो देती नही हैं इस लिया ==ए झूमेर चूस कर ही काम च्ला ते हैं.भाभी ने कहा ऐसी बात नही हैं मेरी चूत बहुत नरम हैं और आपं बहुत कस कस कर चुसोगे इस लिए तोड़ा दर लग रहा है.कहीं चूसने से मेरी चूत फॅट ना जाए.

मैने कहा अरे भाभी चूसने से नही फटे गी तो मेरे लंड से तो फॅट ही जाए गी ना.चूत तो आपकी फटना ही है.भाभी ने कहा बात तो आपकी सही हैं.लकिन मुझे बहुत शरम आती हैं आप मेरा सामने मेरी चूत को अपने होंतों मैं भर के चूसेगे. नही बाबा मैं तो मार हीं जाओंगी. मैने भाभी की चूत को कस कर शलवार के उपर से दबा दिया और कहा भाभी मैं बहुत आराम से हल्के से आप की चूत चुसू गे आपं को ज़रा भी तकलीफ़ नही होगी. भाभी ने कहा आआआअहह देवर जी मेरी चूत चोदिये मैने कहा पहले आप कहो चूस लूओ भाभी ने कहा ठीक है चुस्स लो पहले मेरी चूत चोदिये मैने चूत को चोद दी .भाभी आआआआहह सीस्ने लगी. मैने भाभी को खड़ा किया.

भाभी एक तरफ सोफे पर तंग सलवार का नाड़ा खोला तो शलवार घुटनो मैं आकर फस गई और भाभी की क्लीन शेव्ड चूत मेरे सामने थी जो रस मैं सनी और भीगी हुई थी.मेरे बाजू मैं प्लेट मैं अंगूर रखे हुए थे.भाभी को मैने सही से खड़ा किया उनका पैर और उपर सोफे के हॅंडल पर रखा अब भाभी की चूत पूरी खुल गई थी.चूत की फांके बाहर लटक रही थी.मैने अंगूर उठाई और भाभी की चूत से रगड़ते हुए अंगूर का दाना चूत के अंदर कर दिया भाभी ने कहा आआऔच मार गई. देवर जी बहुत बदमाश हैं आप मैने 4 5 अंगगोर ऐसे ही चूत मैं डाअले फिर आराम से बीत कर चूत चूसने लगा भाभी मारे बाल सहला रही थी और आआआआः ऐसे ही ऐसे ही बोल रही थी मैं भाभी की नाभि दबाता तो उनकी चूत से एक एक अंगूर का दाना बाहर निकलता और मैं खा लेता और चूत को तो मैं बड़ी बेदर्दी से चूस रहा था .

15 मिनिट ऐसे ही चूस्न से भाभी ई चूत से तो ढेर सारा रस निकालने लगा मुझे यही तो चहोये थे मैने एक एक बूँद रस पी लिया बड़ा मज़ेदार रस था भाभी की चूत का.भाभी पूरी शांत हो गई थी उनसे खड़ा भी नही हुआ जा रहा था उनको ने मुझे ढाका दे दिया और अपनी शलवार का नडा बँधा और बिस्तर पर लेट कर आराम करने लगी मैने पूछा किय हुआ भाभी थक गई.भाभी ने कहा देवर जी बहुत रस निकल गया है मेरी चूत से कमज़ोरी सी आ गई .आपने बड़ी बेदर्दी से चूसा .मेरी पूरी चूत लाल करदी चुस्के आपने तोड़ा आराम करने दीजिए.मैने कहा ठीक है थोड़ा सो जाओ. अब तो मुझे भाभी के जिस्म से मोहब्बत हो गई थी . भाभी आराम कर रही थी और मैं उनके बदन को देख रहा था.

भाभी ने पूछा किया देख रहे हो देवर जी मैने कहा भाभी आप जैसी हसीन औरत मैने आज तक नही देखी. आपकी चूची बहुत लंबी मोटी और खूबसूरत हैं.भाभी ने कहा ची शर्म नही आती अपनी भाभी से ऐसा बोलने मैं.मैने कहा जो सच है हू मैने बोला इस मैं शरम की किया बात है.भाभी तो हासणे लगी.अचनाक भाभी उठने लगी बहुत कमज़ोर लग रही थी मैने पूछा किया हुआ भाभी तब भाभी ने कहा देवर जी पेशाब आ रही है .

मैने कहा लेती रहो बाद मैं कर लेना थोड़ी देर बाद भाभी ने कहा देवर जी बहुत ज़ोर से लगी है करलेने दो कही शलवार मैं ही ना निकल जाए मानईएं खाहा आप लीटी रहो मैं आप को पेशाब करवा देता हूँ भाभी ने कहा आप कितने अच्छे देवर हैं अपनी भाभी का कितना ख़याल रखता हैं.मैने भाभी को गोद मैं उठाया और बाथरूम मैं ज कर अपनी गोद मैं बिताया और शलवार का नडा खोला और कहा भाभी कर लो पेशाब भाभी की चूत हटीक मेरे मुहन के सामने थी भाभी ने कहा मुझे शरम आती हैं आप उधर मुझ करो तभी मैं पेशाब करूँगी मैने कहा किया हुआ भाभी आपकी चूत चूस सकता हूँ तो आप को पेशाब करते नही देख सकता किया भाभी ने कहा नही मैं आपं के मुह के सामने पेशाब नही कारूगी कही कहीं मुझे पेशाब करता देख आपं फिर से मेरी चूत न चूस ले. चलिए उधर देखिए.

मैने मूह उधर किया तभी भाभी ने वापस से सलवार का नडा खोला और चूत को तोड़ा आगे किया और एक तेज़ धार पेशाब की छोड़ी पेशाब की आवाज़ सुन कर मुझ से रहा नही गया और मैने भाभी की चूत मैं कस कर अपना मुहन लगा दिया और भाभी की चूत चूसने ल्गा भाभी की पेशाब सीधा मेरा मुह पर लग रही थी भाभी की श्लवार भी थोड़ी पेशाब मैं भीग गई थी .भाभी ने तुरंत पेशाब रोक दी भाभी ने कहा देवर जी मैने कहा था ना मुझे पेशाब करते हुए मत देखो आप से रहा नही जाए गा मैने कहा भाभी आपकी की पेशाब की आवाज़ सुन कर मुझ से रहा नही गया.

भाभी ने कहा देवर जी आप बहुत बुरे हो चलो अब तुम बाथरूम के बाहर जाओ मैं अकेले पेशाब काररोगी मुझे गुस्सा आय मैने भाभी को खड़ा किया एक थप्पड़ उनके गाल पर लगाया उनकी शलवार उतार दी.और अपना लंड सीधे उनकी चूत मैने घुसा दिया भाभी ने कहा देवर जी छोड़ दो मुझे मैने भाभी के ढूढ़ ज़ोर से पकड़ कर कहा अब करो पेशाब मेरा लंड तुम्हारी चूत के अंदर है और अब तुम इसी हालत मैं पेशाब करना है.भाभी ने कहा मैं कैसे पेशाब करो अपपने अपना लंड मेरी चूत मैं पूरा अंदर तक घुसा दिया है.

पेशाब नही निकल रही है प्लीज़ मेरी चूचियो को छोड़ दो.मैने कहा मुझे नही मालूम ज़ोर लगाओ ताक़त लगाओ अपनी योनि अपने गर्भ मैं दब्ाओ डालो तो ज़रूर पेशाब आ जाएगी नही तो मैं तुम्हारी ये 2 इंच लंबी चूचियो को कैंची से काट दूँगा और पूरी ताक़त से भाभी की दोनो चूचियो को मसल दिया भाभी घब्रगाई उन्हो ने बड़ी मेहनत से अपनी योनि और गर्भ पर ज़ोर लगाया और पूरी ताक़त पेशाब पेशाब करने लगी भाभी की चूत मैं मेरा लंग 12 इंच का पूरा अंदर तक घुसा था और पेशाब चूत और लंड के किनारे से बहती हुई बाहर आ रही थी 2 मिनिट तक पेशाब करती रही भी .पेशाब ख़तम होने के बाद मैने भाभी को कस कस कर चोदने लगा .

भाभी ऊऊऊऊऊओह अहह आययययययययययययीीईईईईई अम्र गगगैइिईईईईईईईईईईईईईईईईईई देवर जी नहियीईईईईईईईईईईईईईईईईई देवर जी ईईईईईईईईईईई प्लसेस स सस्स्स्स्स्स्स्स्सस्स हह अहह अहह ऊऊऊीीईईईईईईईईईय्ाआआआअहह आप को बयान नही करसकता के मुझे कितना मज़ा आय अभभाई की चुदाई आर्न मैं मैने भाभी को अपनी गोद मैने उठा लिया और चुदाई करने लगा और कमरे मैं बेड पर ले आया .अब तो पलंग पर चुदाई का बड़ा ही ख़तरनाक सीन चल रहा था मैने भाभी को अलग अलग स्टाइल मैने छोड़ने लगा .मैं बाथरूम से भाभी की पेशाब मैं भीगी हुई शलवार लेकर आया और शलवार से भाभी के दोनो हाथ बाँध दिए.अब भाभी पलंग पर सीधी लेती हुई थी हाथ दोनो पलंग के अप्पर किनारे पर शलवार से बाँध दिए थे मैने .

मैने भाभी से कहा अब तुम्हे लंड का असली मज़ा देता हूँ मेरी भाभी जान भाभी ने कहाँ देवर जी नही प्लीज़ ऐसा मत करो तुम मुझे खोल दो और आराम से मुझे चोद लो लकिन ऐसे बांड कर नही तुम बड़ी डेदर्दी से छोड़ते हो इतना बड़ा लंड है तुम्हारा बेरहमी से छोड़ोगे तो मैं मार जूँगी .मैने कस कर भाभी के ढूढ़ पर 4 5 तपद मारे और कहा चुप तुझ जैसी हसीन औरत को तो बाँध कर छोड़ो सारा मचलना बंद हो जाए गा तेरा जब 12 इंच का लंड तेरी चूत मैं घुसे गा.भाभी दर सी गई थी .पूरा 1 घंटा ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,पूरा 1 घंटे तक कमरे मैं भाभी की चीखने की आवाज़ै ईन आती रही लकिन कोई उन्हे बचाने वाला नही था मैने बड़ी बूरी तरहा से भाभी को छोड़ा डाला था .

अब मेरा वीर्य निकलने वाला था और मैं सारी वीर्य भाभी की चूत मैं निकल कर भाभी के साथ सो गया भाभी के हाथ खोल दिए हम दोनो सो गये लंड मेरा चूत के अंदर ही था वीर्य भी चूत मैं भारी हुई थी मैने भाभी को चूत सॉफ करने ही नही दी .अदा घंटा सोने के बाद हुमारी नींद खुली भाभी पूरी नंगी मारे से लिपटी हुई थी मेरा लंग उनकी गांद को टच कर रहा था .भाभी की चूत से तोड़ा खून भी निकला था कस से कस 1 लीटर तो चूत से रस निकला था .मेरी भाभी की चूत से पानी बहुत निकलता है.इतना के आप ग्लास भर कर पी सकते हो.भाभी मुझ से नज़र नही मिला पा रही थी कियूं के मैं ने उन्हे 2 घंटा बहुत बेदर्दी से छोड़ा है और हू तोड़ा गुस्से मैं भी थी.मैं भी पूरा नंगा था लंड मेरा वापिस खड़ा हो गया था .

लकिन मुझे लगा के भाभी को अब चोदा तो हू बहुत ज़्यादा गुसा और नाराज़ हो जाए गी.इस लिए मैने भाभी को तोड़ा ढीला कर दिया भाभी ने उठ कर अलमारी मैं से एक शलवार कमीज़ निकाला और पहन लिया शायद हू ब्रा पनटी पहनना भूल गई थी उनकी पहली शलवार तो पेशाब और चूत के रस से पूरी भीगी हुई थी कमीज़ तो पूरी फाड़ दी थी मैं पनटी मेरे नाइट पंत की जेब मैं थी और ब्रा को मैने अपने लंड से लपेट लिया था .मैं भाभी को फिर से छोड़ने के लिए तारप रहा था ब्रा को लंड पर लपेटने से तोड़ा सुकून मिला लकिन ब्रा के एहसास से मैं अपने आप को राक नही पा रहा था.