Bhabhi ke Stan aur Choot

भाभी के स्तन और चूत

अब मैं अपनी कहानी शुरू करता हूँ ! हाँ कहानी पढ़ने के बाद मुझे मेल जरूर करना……..!
बात करीब पाँच साल पहले की है जब हमारे घर के पास एक भैया रहने आये जिनका नाम सुनील और २२ साल के थे। वो अभी शादीशुदा नहीं थे उनकी न तो सेहत थी न लम्बाई !
मैं सोचता कि कौन सी लड़की इनसे शादी करेगी .. !
मैं सोलह साल का होता हुआ भी उनसे अच्छा दीखता था। पर स्वभाव उनका बहुत अच्छा था। हम दोनों जल्दी अच्छे दोस्त बन गए। वो मुझ से हर बात शेयर करने लगे। फिर मैंने उनसे पूछा- आपने कभी किसी लड़की को चोदा है?
तो बोले- नहीं !
फिर बात आई गई हो गई। २ साल बाद मुझे पता चला कि उनके घर वालो ने उनके लिए एक लड़की देख ली है, बस भैया को जा कर पसंद करनी है।
वो मुझे भी साथ ले गए। मैं था तो अट्ठारह का पर लग रहा था पूरा नौजवान बीस साल का ….
जब हम लोग लड़की वालों के पहुँचे तो सबने मुझे लड़का समझा।
तो मैंने उन्हें कहा- मैं नहीं, ये हैं जो आपकी लड़की से शादी करना चाहता है !
उन्हें ये पता लगते ही लगा कि वो भैया के साथ अपनी बेटी की शादी नहीं करना चाहते।

पर उनकी कुछ मज़बूरी थी जिस कारण वो कुछ नहीं बोल पाए ……
जैसे ही लड़की आई, हम दोनों उ़से ही देखते रहे- क्या तो लग रही थी ! बिल्कुल परी जैसी थी !
मैं तो बार बार उसके स्तनों और गांड को ही देख रहा था। मुझे तो उसी समय उसे चोदने का मन करने लगा पर मैं शांत ही रहा।
भैया ने शादी के लिए हाँ कह दी।
४० दिन बाद का मुहूर्त निकला शादी का ……
मैं तो दिन-रात मुस्कान ( भैया की होने वाली बीबी ) के बारे में ही सोचता रहता …… तब मुझे मूठ मरना नहीं आता था …..
शादी वाला दिन भी आ ही गया। मैंने अपने लिए नए कपड़े लिए तो जिसे देख भैया बोल उठे- आज तो तू ही दूल्हा लग रहा है..!
मैं भी हंस दिया।
बारात चलने लगी मैंने बारात में खूब डांस किया …. फिर करीब डेढ़ घंटे बाद हम शादी वाली जगह पहुँच गए …..
शादी में हमने बहुत मस्ती की और भैया की साली जो मेरे बराबर थी के साथ बहुत मजे किये। बहुत बार उसकी गांड और बूब्स को दबा देता पर वो कुछ नहीं बोली…
शादी अच्छी तरह हो गई।
मुझे तो भाभी और उनकी बहन दोनों को चोदने की इच्छा होने लगी।
लेकिन दो महीने बाद मेरे एग्ज़ाम थे तो मैं उनकी तैयारी में लग गया। कभी कभी भैया के घर जाने लगा …..
एग्ज़ाम खत्म होते ही मैं भैया के घर ही दिन भर बिताता …
मुझे भाभी कभी खुश नहीं लगी। मैंने कई बार पूछा, पर वो कुछ नहीं बोली। मैंने भैया को भी बोला कि क्या बात है !
तो भी बोले- कुछ नहीं ! लड़कियों की आदत ही होती है गुमसुम रहने की !
फिर मैंने भी कुछ नहीं कहा ….
२ महीने बाद मैं ऐसे ही रोज की तरह भैया के घर गया …. उनका गेट जो अक्सर बंद ही रहता है, आज खुला था। मैं सीधे अन्दर घुस गया।
सामने का नज़ारा देख कर मैं दंग रह गया।
भाभी ब्लू फिल्म देख रही थी जिसमें आदमी लड़की की चूत में अपनी ऊँगली डाल रहा था, भाभी भी अपनी चूत में ऊँगली डाल रही थी …
मैं जाने लगा तो भाभी ने देख लिया और जल्दी से कपड़े ठीक कर बोली- मोहित तुम कब आये?
मैं कुछ नहीं बोला और उनकी चूत की तरफ देखने लगा तो वो बोली- क्या देख रहे हो?
मैं बोला- कुछ नहीं ….!
तो एकदम से बोली- मेरी चूत की तरफ ना !
मैंने कहा- हाँ !
तो बोली- मुझे चोदोगे ?
मैं बोला- क्या????
तो बोली- तुम्हारे भैया तो नामर्द हैं, कभी लंड ही खड़ा नहीं होता। शादी के ९ महीने बाद भी मैं अक्षत-योनि हूँ…..!
मैं बोला- क्या????
वो बोली- प्लीज़ ! मेरी चूत की प्यास मिटाओ !
मैं अटकता अटकता बोला- ठीईई ठीई ठीक है ! चोदता हूँ ! पर भैया को पता चला तो ?
वो बोली- कुछ नहीं बोलेगा वो भैन का लौड़ाऽऽऽ !
मैं मन मन बहुत खुश हुआ, मेरी पहली चुदाई 18 साल की उम्र में ! मज़ा आ जायेगा ………..!
फिर मैं भाभी को उठा कर बेड पर ले गया और उनके स्तन ब्लाऊज़ के ऊपर से ही दबाने लगा।
वो आहें भरने लगी………अह्ह्ह्ह् ह्ह्ह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह्ह मज़ा आ गया ! तेज़ दबाओ जान्न्न् ……….
मैं और तेज़ दबाने लगा, उसके बूब्स को उसकी ब्रा से आजाद कर के दबाने लगा वो और तेज़ आहे भरने लगी………अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह या आआआअह्ह्ह्ह्ह उह्ह्हुहुहू अहः
फिर मैं बूब्स को मुँह में चूमने लगा ………..
फिर उनकी साड़ी हटा कर पूरा नंगा करने लगा ……. और उसके बदन पर हाथ फेरने लगा।
वो बोली- जान ! बड़ा मज़ा आ रहा है…………
मैंने उसे पूरा नंगा कर दिया, बस पैंटी नहीं खोली और बोला- मेरा लंड तो बाहर निकालो और तरोताजा करो………..!
तो बोली- अभी निकलती हूँ…..
२ मिनट में मुझे पूरा नंगा कर के मेरे ७.५ इंच के मोटे लंड से खेलने लगी………..
मुझे भी काफी मज़ा आ रहा था….. मैं भी आहें भरने लगा..
मेरे लंड ने एक बार करीब २० मिनट बाद पानी छोड़ दिया….
फिर मैं उसकी चूत को पैंटी हटा कर नंगा करने लगा। क्या तो मस्त चूत थी उसकी ……….छोटे छोटे बाल और गुलाबी रंग की….
मैं उसकी चूत पर हाथ फेरने लगा तो वो आहें भरने लगी- आ आआ आह्ह ऊऊओह्ह्ह्ह माज्ज़ा आआआ राह्हा है जानी………
मैं बोला- अभी तो असली मज़ा आना बाकी है मेरी जान ……… मैं ऊँगली से उसकी चूत को खोलने लगा….
तो वो चिल्लाई- आह्ह्ह दर्द हो रहा है !
तो मैं बोला- फिर मेरा मोटा लंड घुसने पर क्या होगा मेरी जान…..?
कुछ देर बाद बोली- अब सब्र नहीं होता ! चोदो मेरी चूत को…….
तो मैंने उसे बेड पर लेटा कर धीरे धीरे उसकी अनछुई चूत में लंड डालने लगा। मुझे पता था कि दर्द होगा, सो मैंने आराम से घुसाना जारी रखा…….
उसे थोड़ा दर्द हुआ पर इतना नहीं जितना आमतौर पर लड़कियों को पहली चुदाई में होता है।
थोड़ी देर बाद मैं स्पीड बढ़ाता गया ….. अब उसे भी मज़ा आ रहा था, बोलने लगी- मोहित जान, और तेज्ज़ फाड़ दे मेरी चूत ……
मैं और तेज़ हो गया और उसकी चूत को मज़े देने लगा….
उसकी चूत को चोदते हुए इतना मज़ा आ रहा था कि मुझे लगा कि मैं हमेशा ऐसे जीवन भर चोदता रहूँ…
१५ मिनट बाद वो झड़ गई और बोलने लगी- अब प्लीज़ ! रुक जाओ !
पर मैं कहाँ रुकने वाला था, मैं अपनी स्पीड पर उसे चोदता रहा………..
दस मिनट बाद मैं भी झड़ गया और सारा पानी उसकी चूत में छोड़ दिया………….
वो बोली- जान आज तो मुझे मज़ा आ गया !
मैं बोला- जान ! तुमने मुझे जो मज़ा दिया उसे मैं कभी नहीं भूलूंगा….
उस दिन हमने करीब ५ बार चुदाई की।
अब हम रोज चुदाई करने लगे। मैंने ही उसे बच्चा दिया।
मैंने मुस्कान की छोटी बहन की मीनाक्षी को भी खूब चोदा ……
पर यह कहानी बाद में !